एक-एक क्षण का उपयोग व लोगों की सेवा में हमारी रुचि – मुख्यमंत्री

 




 

 

 

 

 

 

पटना । सोमवार को 1 अणे मार्ग में लोक संवाद कार्यक्रम में छह लोगों द्वारा सामान्य प्रशासन, पुलिस, गृह, निगरानी, पंचायती राज, सहकारिता, नगर विकास एवं आवास, मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन, वाणिज्यकर, राजस्व एवं भूमि सुधार, खान एवं भूतत्व, परिवहन तथा आपदा एवं प्रबंधन विभाग से संबंधित मामलों पर मुख्यमंत्री को अपना सुझाव दिया गया.
लोक संवाद कार्यक्रम में भभुआ से शेखर प्रताप सिंह, कटिहार से श्रीवास्तव हिंमांशु कुमार, पटना से सुधीर कुमार एवं पूजा आनंद, नवादा से मनीष कुमार एवं दरभंगा से कृष्ण कुमार सुमन यादव ने अपने-अपने सुझाव व राय मुख्यमंत्री को दिये. प्राप्त सुझाव एवं राय पर संबंधित विभाग के प्रधान सचिव/सचिव ने वस्तुस्थिति को स्पष्ट किया. इन प्राप्त सुझावों एवं रायों पर मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों के प्रधान सचिव/सचिव को कार्रवाई करने हेतु निर्देशित किया. इस कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, ऊर्जा, मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन मंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव, पंचायती राज मंत्री कपिलदेव कामत, आपदा प्रबंधन मंत्री दिनेश चंद्र यादव, परिवहन मंत्री संतोष कुमार निराला, सहकारिता मंत्री राणा रणधीर सिंह, खान एवं भूतत्व मंत्री विनोद कुमार सिंह, राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री राम नारायण मंडल, मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह, पुलिस महानिदेशक पी0के0 ठाकुर, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव चंचल कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव अतीश चंद्रा, मुख्यमंत्री के सचिव मनीष कुमार वर्मा उपस्थित थे.
आयोजित लोक संवाद कार्यक्रम के पश्चात मुख्यमंत्री ने मीडिया प्रतिनिधियों द्वारा पूछे गए सवालों का उत्तर दिया. इसी क्रम में राज्य में होने वाले उप चुनाव में अपनी पार्टी के हिस्सा नहीं लेने के संबंध में मुख्यमंत्री कहा कि यह राज्य की पार्टी इकाई का यह नीतिगत फैसला है क्योंकि इसमें जेडीयू का कोई भी सिटिंग जनप्रतिनिधि नहीं था.
आर0एस0एस0 प्रमुख श्री मोहन भागवत से जुड़े सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि कोई नागरिक या नागरिक संगठन देश की सीमा की रक्षा के लिए अगर अपनी तत्परता दिखाता है तो यह ठीक है. एक अन्य प्रश्न के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि लोक संवाद का यह कार्यक्रम अब धीरे-धीरे बहुत उपयोगी होता जा रहा है क्योंकि इसमें विशिष्ट सोच वाले लोग बेहतर सुझाव देने लगे हैं. नीतीश ने कहा कि हमलोगों ने 2011 में लोक सेवा का अधिकार कानून लाया, जिस पर लोग मंथन करके और इसके बारे में सुझाव दे रहे हैं. लोक शिकायत निवारण अधिनियम 2016 पर भी लोग टेक्नोलॉजी के द्वारा इसे और बेहतर व पारदर्शी बनाने का सुझाव दे रहे हैं. उनके अनुसार उनकी सरकार ने प्रशासनिक सुधार के दृष्टिकोण से अनेक महत्वपूर्ण काम किए है जिसे लोग अब इसे समझने लगे हैं. चुनाव आयोग द्वारा आरोपित लोगों के चुनाव नहीं लड़ने के प्रश्न पर मुख्यमंत्री ने कहा कि 2 साल की सजा पाने वाले लोग पहले से ही चुनाव में भाग लेने से वंचित हैं. चुनाव से अन्य चीजों से संबंधित विचार के लिए पार्लियामेंट है और यह केंद्र का विषय है. अगर इन सब चीजों में राज्य की राय मांगी जाएगी तो उस पर सुझाव देंगे.
देश की आजादी में महापुरुषों की भूमिका के संबंध में मुख्यमंत्री ने अपना मंतव्य दिया. उन्होंने कहा कि गांधी जी के नेतृत्व में जनता के सहयोग से सत्याग्रह और अहिंसा के रास्ते पर चलकर ही देश को आजादी मिली. वर्ष 1917 में चंपारण सत्याग्रह हुआ और चंपारण अग्रेरियन कानून के द्वारा निलहों के अत्याचार से गांधी जी ने किसानों को मुक्ति दिलायी. गांधी जी के पूर्व भी महापुरुषों ने देश की आजादी के लिए अपना योगदान दिया जिनको भूलाया नहीं जा सकता है. नीतीश ने कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस का योगदान भी महत्वपूर्ण है. भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद की शहादत को कभी भूलाया नहीं जा सकता है. बापू के नेतृत्व में सरदार पटेल और जवाहर लाल नेहरु का योगदान भी महत्वपूर्ण रहा है.
बेरोजगारी से संबंधित प्रश्न के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने स्कील डेवलपमेंट प्रोग्राम चलाया है और रोजगार उपलब्धता के बारे में कहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एन0डी0ए0 को केंद्र में काम करने का मौका मिला है और वे चार साल से काम कर रहे हैं. एन0डी0ए0 में असंतोष के प्रश्न पर मुख्यमंत्री ने कहा कि हर पार्टी अपने-अपने ढंग से अपनी बात रखती है तथा अपनी-अपनी राय व्यक्त करते हैं. बिहार में भाजपा के साथ पुनः गठबंधन के प्रश्न पर मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले जो महागठबंधन बना था, उस दौरान भी मैंने भ्रष्टाचार से समझौता नहीं करने की बात कही थी. हमारा कमिटमेंट गवर्नेस के प्रति है, पहले भी था और आज भी है. जनता की सेवा के लिए हमारे नेतृत्व में मैनडेट मिला है.
नीतीश ने बताया कि आज 20 साल पुराने मामले में सजा हो रही है. सी0बी0आई0 ने जांच किया है, कोर्ट में मामला चल रहा है. इसमें हमारी और श्री नरेंद्र मोदी जी कोई भूमिका नहीं है. न्यायिक निर्णय पर कोई प्रतिक्रिया नहीं देते हुए उन्होंने कहा कि इतनी प्रमुखता से इन मुद्दों को जगह नहीं देनी चाहिए. उन्होंने अपने को गांधी जी को मानने वाला बताया. पत्रकारिता की आजादी पर नीतीश ने कहा कि वे इसके हिमायती हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी रुचि एक-एक क्षण का उपयोग लोगों की सेवा करने में है. उनका कमिटमेंट बिहार के प्रति है और वे बिहार की सेवा कर रहे है जो देश की सेवा भी है. उन्होंने आगे बताया कि केंद्र के सहयोग से विकास के कार्यों में गति आयी है क्योंकि जिन चीजों की जरुरत होती है, केंद्र से मांग करते हैं. उनके अनुसार भाजपा से उनका यह गठबंधन बिहार के विकास के हित के लिए बना है. राज्य में कानून व्यवस्था के प्रश्न पर मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा एक लाख की जनसंख्या पर जो अपराध के आंकड़े जारी किए गए हैं, उसमें बिहार का स्थान 22वां है क्योंकि यहाँ स्थिति में सुधार हो रहा है. चूँकि दहेज -हत्या और महिलाओं पर जूर्म के मामले में बिहार की स्थिति उतनी अच्छी नहीं चल रही है जिसके कारण बाल-विवाह और दहेज-प्रथा के खिलाफ अभियान चलाया गया है. राज्य में होने वाले क्राइम में पुलिस तेजी से जांच कर रही है और डिटेक्ट कर रही है जिसके फलस्वरूप लगातार गिरफ्तारियां हो रही है. क्राइम का आंकड़ा घट रहा है. उनके अनुसार यहाँ का सरकारी तंत्र मुस्तैद है और स्थितियों पर नजर बनाए रखे जाते हैं. बाल मजदूरी पर उठाए गए प्रश्न पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके लिए राज्य में बहुत पहले से ही काम किया जा रहा है. बाहर से वापस बिहार आने पर बच्चों को केंद्र के सहयोग के अलावा मुख्यमंत्री सहायता कोष से 25,000 रुपए दिए जाने का फैसला किया गया है. हमलोग इस मामले में सतर्क हैं कि बाल मजदूरी ख़त्म हो और कोई बच्चा राज्य से बाहर न जा सके. अयोध्या विवाद से संबंधित प्रश्न का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हमलोग शुरु से कहते रहे र नहीं हो पाता है तsave=Save Draft