दशहरा मेले में क्यों हुआ हंगामा

पटना- दशहरा मेले में गीत-संगीत के दौरान हंगामा गांधी मैदान में चल रहा है दशहरा मेला हंगामे में एक कलाकार के भाई को लगी चोट भीड़ पर नियंत्रण के लिए पुलिस ने किया लाठीचार्ज जानकारी के मुताबिक भोजपुरी अभिनेत्री रानी चटर्जी के डांस को लेकर लोग भड़क गए और पत्थर फेंकना शुरू कर दिया. इस दौरान एक कलाकार उर्वशी के भाई को भी एक पत्थर लग गया और उसका सिर फट गया. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, घायल शख्स के सिर में चार टांके लगे हैं. इस दौरान भीड़ पर काबू के लिए पुलिस को हल्का लाठीचार्ज करना पड़ा.

Read more

दशहरा मेला शुरू, जुटेंगे कई बड़े कलाकार

पटना में शुक्रवार को दशहरा मेला का शुभारंभ हो गया. पटना कमिश्नर आनंद किशोर और डीएम संजय कुमार अग्रवाल ने मेला का उद्घाटन किया. पटना के गांधी मैदान में दशहर मेले का आयोजन दूसरी बार हो रहा है. दशहरा मेला 28 सितंबर तक चलेगा. इसी दौरान 21 से 28 सितंबर तक दशहरा महोत्सव का भी आयोजन होगा जिसमें कई बड़े कलाकार परफॉर्म करेंगे. पूरी खबर यहां पढ़ें- पटना में इन बॉलीवुड कलाकारों का दिखेगा जलवा

Read more

कयासों की कल्पना में उलझ कर रह गयी फ़िल्म

फीकी है ‘बादशाहो’ की बादशाहत राजस्‍थान की पृष्ठभूमि में सुने-सुनाए प्रचलित किस्‍सों की उपज है ‘बादशाहो’. ‘कच्‍चे घागे’ और ‘डर्टी पिक्चर’ जैसी कई जबरदस्त फिल्मो से अपने निर्देशन का दर्शकों के दिलों पर जादू चलाने वाले मिलन लुथरिया को इस फ़िल्म का ताना-बाना, कच्चे-धागे की शूटिंग के दरम्‍यान ही बना था. राजस्थान में राजघरानो और किलों के बारे में कई किस्से सुनने को मिलते हैं. उन्ही किस्सों में से एक किस्सा उन्होंने सुना, जो उनके जहन से निकल ही नहीं पाया.उन्‍होंने अजय देवगन को भी यह किस्‍सा सुनाया. फिर क्या था कहानी ने दोनों को प्रभावित किया और फ़िल्म बानी बादशाहो. दरअसल यह फ़िल्म महारानी गायत्री देवी के किले में छुपे खजाने के ऊपर बना है. महारानी अपने सौंदर्य के लिए जगप्रसिद्ध थीं. ऐसा कहा जाता है कि इमरजेंसी के दौरान इंदिरा गांधी और संजय गांधी के इशारे पर फौज ने महारानी गायत्री देवी के किले पर छापा मारा था और बड़ी मात्रा में खजाने ले गए थे. हालांकि इसका कोई प्रमाण नही मिलता लेकिन किले घूमने के दौरान गाइड और आम जनता से इन बातों को कोई भी सुन सकता है. कहानी को समय और किरदारों का रूप देने में निर्देशक ने काफी मेहनत किया है. ओरिजिनल किरदारों और समय की झलक फिल्‍म के शुरू में ही दिख जाती है. कलाकारों का लुक और एटीट्यूड उन्हें संजय गांधी जैसा प्रतीत कराता है. गीतांजलि देवी में गायत्री देवी की झलक दिखती है. अन्य कई किरदार कल्पना की उपज हैं. फिल्‍म में रिलेशनशिप, ड्रामा,एक्‍शन, थ्रिल, ड्रामा, कॉमेडी और आयटम सॉन्ग का

Read more

आप कहां हैं?

आरा रंगमंच द्वारा स्थानीय वीर कुँवर सिह मैदान में संध्या 5 बजे नुक्कड नाटक “आप कहां हैं ?” की प्रस्तुति हुई. इस नाटक में केन्द्र व राज्य सरकार की कार्य शैली पर व्यंग्य व समसामयिक घटना बाबा राम रहीम की करतूतों की पोल खोल जनता के बीच प्रदर्शित किया गया. नाटक में कई भूमिकाओं में अशोक मानव, अनिल सिंह, जितेंद्र कुमार लड्डू, भरत आर्य और सुधीर शर्मा ने जीवंत रोल किया. नाटक का लेखन सुधीर शर्मा ने किया था. संयोजक अनिल कुमार तिवारी और मनोज श्रीवास्तव ने किया था. आरा रंगमंच ने प्रत्येक रविवार को कई महीनों से नुक्क्ड़ नाटक का एक सिलसिला प्रारम्भ किया है.   आरा से ओपी पांडे

Read more

क्या आपने देखी ‘बाबूमोशाय बन्दूकबाज’

⁠⁠⁠⁠⁠नम्बर वन किलर बनने की प्रतिस्पर्धा है “बन्दूकबाज” पटना नाउ की फ़िल्म समीक्षा फ़िल्म बाबुमोशाय बन्दूकबाज, में बाबू बिहारी बने नवाजुद्दीन और बांके बिहारी बने जतिन, दो यूपी के कॉन्ट्रैक्ट किलर्स की कहानी है. 10 साल की उम्र में 4 दिन से भूखा बच्चा अपनी भूख के लिए पाने वाले 2 केले के बदले में पहली हत्या करता है वो भी पत्थर से मारकर. जेल जाने के बाद वह गोली चलाना सीखता है. फिर क्या बाबू बिहारी एक कंट्रेक्ट किलर बन जाता है. पैसे के लिए किसी की हत्या करने वाला बाबू फुलवा बनी बिदिता को देख लट्टू हो जाता है और उससे मिलने के दौरान ही वह हत्या को अंजाम देता है. दरअसल बाबू द्वारा मारे गए शख्स फुलवा का बलात्कारी होता है जिसे दबंग होने के कारण कोई कुछ नही कर पाता है.पुलिस द्वारा पकड़े जाने के बाद भी फुलवा हत्या करने वाले को पहचानने से इनकार कर देती है और उसपर लट्टू बाबू जब उससे दोबारा मिलने जाता है तो अपने दो अन्य बलात्कारियो को भी बाबू द्वारा मरवा कर अपने आप को बाबू के लिए समर्पित कर देती है. कंट्रेक्ट किलर बाबू बिहारी फुलवा को पाने के लिए फ्री में ही उन दोनों को टपका देता है. यही से शुरू होता है फिल्मी ड्रामा. सुमित्रा(दिब्या दत्ता) के लिए काम करने वाले बाबु बिहारी द्वारा अचानक 3 मर्डर उसे सुमित्रा से अलग कर देता है. बड़ा सरल भाषा और सहजता से बाबू के बोलने का स्टाइल जिसमे वो कहता है कि ” एक को मारने का पैसा

Read more

पटना में इन बॉलीवुड कलाकारों का दिखेगा जलवा

अगर आप पटना में हैं और दलेर मेहंदी के गाने आपको पसंद हैं तो तैयार रहिए. इस बार पटना के गांधी मैदान में दशहरा महोत्सव के मौके पर दलेर मेहंदी अपना जलवा बिखेरेंगे. यही नहीं, बॉलीवुड कलाकार अमीषा पटेल, मिनिषा लांबा और मशहूर प्लेबैक सिंगर सुदेश भोंसले भी दर्शकों का मनोरंजन करेंगे. पटना के गांधी मैदान में होने वाले दशहरा महोत्सव के कार्यक्रम की घोषणा श्रीकृष्ण स्मारक विकास समिति के अध्यक्ष सह कमिश्नर आनंद किशोर ने की. आनंद किशोर ने बताया कि दशहरा महोत्सव इस बार 8 दिनों का होगा. जबकि दशहरा मेला 21 दिनों तक चलेगा. दशहरा महोत्सव का आयोजन 21 से 28 सितंबर तक होगा. जबकि दशहरा मेला 8 सितंबर से शुरू होकर 28 सितंबर तक चलेगा. बता दें कि लगातार दूसरे साल इस महोत्सव का आयोजन हो रहा है. इसमें ना सिर्फ बॉलीवुड कलाकारों का जलवा रहेगा बल्कि बिहार के कलाकारों को भी मौका मिलेगा. दशहरा महोत्सव से जुड़ी जानकारी आपके लिए- पटना के गांधी मैदान में लगातार दूसरे वर्ष हो रहा है आयोजन 8 -28 सितंबर तक लगने वाले दशहरा मेले का पार्ट होगा दशहरा महोत्सव 21 से 28 सितंबर तक झूमेंगे पटनावासी 10रू प्रति दर्शक होगा दशहरा मेले में इन्ट्री फी शाम 4.30 बजे से 6.30 बजे तक होगा स्थानीय कलाकारों का कार्यक्रम शाम 7 बजे से 9.30 बजे तक होगा बॉलीवुड कलाकारों का कार्यक्रम 21 सितंबर को महोत्सव के पहले दिन दलेर मेहंदी का कार्यक्रम 22 सितंबर को दूसरे दिन प्लेबैक सिंगर हंसराज हंस 23 सितंबर को तीसरे दिन राजीव निगम का कॉमेडी नाइट

Read more

कमाल है… इसने तो रुला ही दिया

आसाढ़ का एक दिन नाटक ने किया भावुक बलिया के कलाकारों ने किया ‘आसाढ़ का एक दिन’ का मंचन कालिदास के प्रति मल्लिका के समर्पण की कहानी कहता आषाढ़ का एक दिन नाटक आसाढ़ का एक दिन के एक दृश्य में कलाकार बक्सर में आचार्य शिवपूजन सहाय की स्मृति में आयोजित सम्मान समारोह व सांस्कृतिक संध्या पर आषाढ़ का एक दिन नाट्य का मंचन किया गया. शहर के वृंदावन वाटिका के हॉल में आयोजित नाटक को देखने के लिए लोग जुटे रहे. हॉल में संकल्प की ओर से मोहन राकेश द्वारा लिखित और आशीष त्रिवेदी द्वारा निर्देशित नाटक का मंचन शनिवार को देर शाम शुरू हुए नाटक में कालीदास व मल्लिका की अद्भूत प्रेमकथा के मंचन से माहौल ऐसा बना कि कला व नाटक प्रेमियों के लिए आषाढ़ का एक दिन यादगार बन गया. मल्लिका का यह संवाद ‘मैंने भावना से एक भावना का वरण किया है, वास्तव में मैं अपनी भावना से प्रेम करती हूं…’ जब दर्शकों तक पहुंचा तो अंतर्मन तक भींग गया. मंचन के दौरान कई बार दर्शक भावुक हो गए. नाटक में कालिदास के जीवन को सार्थक करने और उन्हें बुलंदियों पर ले जाने के लिए मल्लिका ने काफी त्याग किया. नाटक ‘आसाढ़ का एक दिन’ प्रस्तुत करते कलाकार मल्लिका का जीवन पीड़ा के चरमोत्कर्ष पर पहुंच जाता है और कालिदास यह कहते हुए कि समय किसी की प्रतीक्षा नहीं करता उसे छोड़कर चल देता है. इस समय मल्लिका की विलख ने दर्शकों को भावुक कर दिया. कालिदास की भूमिका में अमित पांडेय तथा मल्लिका की

Read more

‘बाबूजी का पासबुक’

कला जागरण ने शनिवार को पटना के कालिदास रंगालय में मधुकर सिंह लिखित हास्य नाटक “बाबूजी का पासबुक” का मंचन किया. जिसकी परिकल्पना और निर्देशन सुमन कुमार ने की. यह नाटक ताम्र पत्र से सम्मानित एक स्वतन्त्रता सेनानी के परिवार के इर्द-गिर्द घूमता है, जिसे उन्हीं की जुबानी कहा भी गया है. नौकरी के बाद अवकाश प्राप्त व्यक्ति किस तरह वॉलीबॉल की तरह मारा फिरता है यह नाटक बखूबी दर्शाता है. बाबूजी के तीन बेटे और बहुएं हैं जो उनके पासबुक पर निगाह टिकाये रखते हैं और तरह-तरह के हथकंडे अपनाकर उसे पाने की नित जुगाड़ में रहते हैं. यही नहीं, बाबूजी की बेटियाँ और दामाद भी एक सूत्री काम की तरह इसी जुगाड़ में रहते है. परिवार के किसी सदस्य को उनकी हेल्थ और बीमारी की फ़िक्र नहीं रहती. समाज में व्याप्त इस हैवानियत और नीच सोंच को हास्य-व्यंग्य के जरिये नाटक अपने सफल प्रस्तुति के साथ कह जाता है और वह भी सहजता से छूकर तब और गुजरता है जब सुमन कुमार जैसे सधे निर्देशक इसकी कमान संभालते हैं. संवेदनाओं को हास्य-व्यंग्य के जरिये दर्शकों में पिरोने का यह श्रेय निर्देशक को जाता है. कालकारो ने भी अपने अभिनय से निर्देशक को निराश नहीं किया. विभिन्न भूमिकाओं में अखिलेश्वर प्रसाद सिन्हा, सरविंद कुमार, नितीश कुमार, नितेश कुमार चार्ली,तृप्ति कुमारी, सृष्टि मंडल, मिथलेश कुमार सिन्हा,गुंजन कुमार,विभा सिन्हा और रंगोली पाण्डेय ने अपने अभिनय से नाटक के पात्रों को जीवंत कर दिया. वही मंच के पीछे उपेंद्र कुमार और हीरालाल ने मेकअप, रोहित कुमार ने प्रस्तुति संयोजन, गुंजन कुमार और

Read more

सेंसर बोर्ड में अब ‘इनका’ चलेगा राज

रंग दे बसंती और भाग मिल्खा भाग जैसी फिल्मों के गाेन लिखने वाले मशहूर गीतकार प्रसून जोशी को सेंसर बोर्ड का अध्यक्ष बनाया गया है. प्रसून जोशी को पहलाज निहलानी की जगह नया अध्यक्ष बनाया गया है. प्रसून जोशी दरअसल पहलाज निहलानी लंबे समय से अपने फैसलों के कारण विवादों में घिरे थे. बता दें कि फिल्म निर्माता पहलाज निहलानी ने दो साल पहले 2015 में सेंसर बोर्ड का कामकाज संभाला था और उनका कार्यकाल 2018 तक था. लेकिन एक साल पहले ही उन्हें उनके पद से हटा दिया गया है. शुरू से ही वे अपने कामकाज करने के तरीके से लगातार विवादों में रहे हैं. उनके फैसलों के कारण बॉलीवुड से लगातार विरोध होता रहा. सबसे बड़ा बवाल फिल्म उड़ता पंजाब की रिलीज़ से पहले हुआ. कई बार बॉलीवुड के लोगों ने इस बात का आरोप लगाया कि पहलाज निहलानी तानाशाही भरे फैसले लेते हैं. हाल ही में रिलीज़ हुई अलंकृता श्रीवास्तव की फिल्म लिपस्टिक अंडर माई बुर्का को सेंसर सर्टिफिकेट देने से मना करने के कारण भी उनका जमकर विरोध हुआ था. बाद में फिल्म के निर्माताओं ने अपीलेट ट्रिब्यूनल में जा कर फिल्म को पास करवाया. पहलाज निहलानी को हटाए जाने का बॉलीवुड में स्वागत किया जा रहा है. पहलाज निहलानी

Read more

‘सावन मिलन’ समारोह से गुलजार हुआ ‘आरण्य’ भवन

पटना के आरण्य भवन में IAS ऑफिसर्स वाइव्स एसोसिएशन द्वारा ‘सावन मिलन’ समारोह का आयोजन किया गया. समारोह में गीत-संगीत-नृत्य का सावन पूरे रौ में दिखा. पूरा आरण्य भवन देर शाम तक गुँजार रहा. समारोह का आगाज शिवस्तुति गाकर किया गया. इसके बाद सावन की मस्ती से सराबोर महिलाओं तथा बच्चों ने अपनी गायकी तथा नृत्य से शमाँ बाँधकर सबको मंत्रमुग्ध कर दिया. एसोसिएशन की सचिव पूर्णिमा शेखर सिंह ने ऐसे समारोहों के आयोजन से जीवन की एकरसता खत्म होने तथा उत्साह बढ़ने की बात कही. वहीं सचिव रत्ना अमृत ने बताया कि ऐसे मौकों पर गीत-नृत्य के जरिए गेट-टुगेदर का आनंद ही कुछ और होता है.

Read more