दशहरा मेले में क्यों हुआ हंगामा

पटना- दशहरा मेले में गीत-संगीत के दौरान हंगामा गांधी मैदान में चल रहा है दशहरा मेला हंगामे में एक कलाकार के भाई को लगी चोट भीड़ पर नियंत्रण के लिए पुलिस ने किया लाठीचार्ज जानकारी के मुताबिक भोजपुरी अभिनेत्री रानी चटर्जी के डांस को लेकर लोग भड़क गए और पत्थर फेंकना शुरू कर दिया. इस दौरान एक कलाकार उर्वशी के भाई को भी एक पत्थर लग गया और उसका सिर फट गया. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, घायल शख्स के सिर में चार टांके लगे हैं. इस दौरान भीड़ पर काबू के लिए पुलिस को हल्का लाठीचार्ज करना पड़ा.

Read more

राजधानी में एक और हत्या, अशोक राजपथ जाम

राजधानी में ताबड़तोड़ मर्डर और हंगामे को लेकर अब लोगों का गुस्सा चरम पर है. पटना पुलिस की तत्परता के बावजूद अपराधियों में कानून का डर लगता है खत्म हो गया है. शु्क्रवार शाम को एक ओर बिहटा में सिनेमा हॉल मालिक की हत्या और इसके बाद देर रात पटना सिटी के मालसलामी में अपराधियों ने घर में घुसकर एक शख्स की हत्या करके पुलिस को चैलेंज कर दिया.  देर रात हुई हत्या के बाद गुस्साए लोगों ने मृतक सुरेन्द्र यादव के शव के साथ सड़क जाम कर दिया. बता दें कि पटना सिटी के मालसलामी थाना क्षेत्र के जमुना पुर इलाके में बीती रात अज्ञात अपराधियों ने तेज धार-धार हथियार से समाजसेवी सुरेंद्र यादव की हत्या कर दी. हत्या का कारण अभी स्पष्ट नहीं हो सका है. मृतक सुरेंद्र के परिवार और स्थानीय लोगों ने अशोक राजपथ पर आगजनी कर सुरेंद्र यादव का पार्थिव शरीर को ठेला पर रख जाम कर दिया. पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते लोग SSP मनु महाराज को बुलाने की मांग कर रहे हैं और मामले की उच्चस्तरीय जाँच की मांग कर रहे हैं.   पटना सिटी से अरुण ये भी पढ़ें- एक दिन में हुई 2 हत्या https://goo.gl/j99LTf

Read more

ध्यान से नोट कर लें ये सारी जानकारी

पटना जिला प्रशासन की ओर से जो निर्देश जारी किए गए हैं, वे काफी महत्वपूर्ण हैं. ना सिर्फ निजी स्कूलों के लिए बल्कि बच्चों और उनके गार्जियन के लिए भी. आप इन्हें जरूर पढ़ें ताकि किसी भी जरुरत या फिर स्कूलों की मनमानी के समय आप उन्हें इनकी याद दिला सकें. यही नहीं, पटना के डीएम, एसएसपी. सिटी एसपी और  ट्रैफिक एसपी ने बिल्कुल साफ कह दिया कि अगर आपकी परेशानी स्कूल दूर नहीं कर रहे हों सीधे नजदीकी थाने में संपर्क करें या फिर डीएम, एसएसपी समेत किसी भी अधिकारी को फोन करें. लेकिन याद रहे, ना सिर्फ डीएम बल्कि पटना पुलिस ने साफ-साफ कह दिया है कि 18 साल से कम के लड़के या लड़कियां बिना ड्राइविंग लाइसेंस के स्कूल जाते या गाड़ी चलाते पकड़े गए तो अत्यंत सख्त कार्रवाई होगी. जाहिर तौर पर ये जिम्मेवारी बच्चे के गार्जियन की होगी. नोट करें- हर निजी स्कूल में पर्याप्त संख्या में CCTV कैमरे होने चाहिए जो पूरी तरह एक्टिव हों और कैमरों/ विजुअल की निगरानी के लिए एक व्यक्ति जरुर हो. इसकी नियमित मॉनिटरिंग होनी चाहिए. सभी स्कूलों में 15 दिनों के अंदर सुझाव पेटी(Suggestion Box) लगाने का आदेश. सुझाव पेटी की चाभी प्राचार्य के पास रहेगी तथा इसको खोलते वक्त इसकी वीडियोग्राफी भी करायी जायेगी. सभी स्कूलों में निबंधित सुरक्षा एजेन्सी के माध्यम से ही सुरक्षा गार्ड रखने का निदेश. सुरक्षा व्यवस्था की देख-भाल हेतु एक कर्मी को प्रभारी बनाने का निदेश. सभी सुरक्षा प्रभारियों को जिला स्तर पर दिया जायेगा प्रशिक्षण. सभी विद्यालयों में पास्को के तहत्

Read more

पटना के 2 स्कूलों पर गिरी गाज

स्कूलों की सुरक्षा व्यवस्था पर डीएम की 2 टूक निर्देश मानें नहीं तो बंद करें स्कूल डीएम ने पिछली मीटिंग में जारी किया था निर्देश सभी स्कूलों में CCTV लगाने का निर्देश निर्देश नहीं मानने वाले 2 स्कूलों को बंद करने का आदेश पटना के सभी निजी स्कूलों का अब नियमित सुरक्षा ऑडिट होगा. जिला प्रशासन की टीम हर दिन स्कूलों की सुरक्षा व्यवस्था की जांच करेंगी और गाइडलाइंस नहीं मानने वाले स्कूलों को बंद कर दिया जाएगा. डीएम ने कहा कि पटना के सभी स्कूलों की सुरक्षा मानकों की अधिकारी समीक्षा करेंगे. जो भी स्कूल सुरक्षा मानकों को पूरा नहीं करेंगे उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. इसकी शुरुआत भी आज हो गई जब पटना के इन्द्रपुरी स्थित डीेएवी पब्लिक स्कूल और फुलवारी शरीफ स्थित ज्ञानदीप स्कूल कोे बंद रखने का आदेश डीएम ने दिया. डीएम ने इसे सुरक्षा में लापरवाही मानते हुए कार्रवाई की है. क्या कहा डीएम ने सुनिये- पटना DM संजय अग्रवाल ने कहा कि प्रद्युम्न हत्याकांड के बाद जिला और पुलिस प्रशासन ने पटना के सभी स्कूलों की सुरक्षा की समीक्षा की. समीक्षा के बाद ये पाया गया है कि सीसीटीवी नॉर्म्स को ये 2 स्कूल फॉलो नहीं कर रहे हैं. इसलिए दोनों स्कूलों को सुरक्षा मानक पूरा करने और अगले आदेश तक बंद रखने का कहा गया है.

Read more

CBI के नाम पर लूटपाट करते पकड़े गए महिला समेत 2 लोग

देश में और खासकर बिहार में इनदिनों CBI और इनकम टैक्स की बड़ी चर्चा है. यही वजह है कि इनके नाम पर फर्जीवाड़ा और धोखाधड़ी भी जमकर हो रही है. पीड़ित पीड़ित ने सारी घटना की जानकारी पटना में बीती शाम कुछ ऐसा ही वाकया सामने आया जब सीबीआई के नाम पर दो लोगों ने एक घर में घुसकर सारा कीमती सामान निकलवा लिया और लेकर चलते बने. हालांकि जल्द ही पीड़ित महिला को कुछ शक हुआ और उसने हंगामा कर दिया. फिर क्या था. आनन-फानन में स्थानीय लोगों की मदद से भाग रहे फर्जी सीबीआई को पकड़ लिया गया और पुलिस के हवाले कर दिया गया. गिरफ्तार फर्जी CBI अधिकारी फर्जी अधिकारी ने क्या कहा सुनने के लिए क्लिक करें- मामला पटना के बहादुपुर हाउसिंग कॉलोनी का है. जहां जनता फ्लैट में मंगलवार की शाम गीता देवी के फ्लैट में दो लोग पहुंचे और खुद को CBI अधिकारी बताते हुए दोनों जबरन घर में घुस गए और हर कोने की तलाशी शुरू की. अलमारी में रखे 11 चांदी के सिक्के, चार जोड़ी पायल, 1000 रुपए और बच्चों के गले से लॉकेट उतार लिए. इस दौरान शक होने पर महिला शोर मचाने लगी. भीड़ जुटने पर फर्जी सीबीआई अधिकारी बने महिला और पुरुष वहां से भागने का प्रयास करने लगे. लोगों की सूचना पर पहुंची अगमकुआं पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया. अगमकुआं थाने के दारोगा धनंजय कुमार ने क्या कहा सुनिए अगमकुआं थानाध्यक्ष कामाख्या नारायण सिंह ने बताया कि पूछताछ के बाद फर्जीवाड़ा सामने आया है. फर्जी सीबीआई अधिकारी गौमत

Read more

सरकार के किसी स्टार्ट अप की इन्हें नहीं जरुरत

खुद बनीं स्टार्ट अप कंपनियों के लिए मिसाल 20 साल में खड़ी कर दी उद्यमी महिलाओं की फौज एक से बढ़कर एक ब्रांड के जरिए महिला उद्योग संघ ने पेश की नजीर   बात हो रही है बिहार महिला उद्योग संघ की जिसकी कर्णधार हैं पुष्पा चोपड़ा. बीस साल पहले बिना किसी बाहरी या सरकारी मदद के शुरू किया गया पुष्पा चोपड़ा का प्रयास अब रंग दिखाने लगा है. 200 से शुरूआत करने वाले आज 10-20 लाख कमा रहे हैं और वो भी बिना किसी सरकारी मदद के. 7 से 11 सितंबर तक पटना में उद्योग संघ की महिलाओं ने 23वां उद्योग मेला लगाया जिसमें देश के कई राज्यों से आए उद्यमियों ने भी अपना स्ट़ॉल लगाया. बिहार महिला उद्योग संघ की अध्यक्ष पुष्पा चोपड़ा ने बताया कि वे 1997 से अबतक 23 बार उद्योग मेले का आयोजन  कर चुकी हैं. अब तो यहां इतनी भीड़ जुटती है कि स्टॉल के लिए भी मारामारी होती है. उन्होंने कहा कि सरकार जितना स्टार्ट अप पर अनुदान देकर पढ़ाई और ट्रेनिंग करवा रही है उसका नतीजा कुछ नहीं निकल रहा . उन्होंने बिना किसी सरकारी मदद के इतना बड़ा स्टार्ट अप शुरू किया और आज इतनी बड़ी संख्या में महिलाएँ अपने पैरों पर खड़ी होकर बिहार का नाम रौशन कर रही हैं. पटना से अमित वर्मा

Read more

चोरी से रोका तो सीनाजोरी पर उतरे छात्र

सबसे पहले patnanow पर आरा में वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय के वीर कुंवर सिंह कॉलेज में छात्रों का हंगामा. परीक्षा में कड़ाई से गुस्साए छात्रों ने जमकर बवाल काटा और आधा दर्जन कमरों में परीक्षा दे रहे छात्रों की कॉपियां फाड़ी. बता दें कि कॉलेज में कदाचार का मामला सामने आया था जहां बच्चे सामूहिक रूप में भेड़ बकरियों की तरह जमीन पर बैठकर परीक्षा दे रहे थे. मामला प्रकाश में आने के बाद उप कॉलेज की तीन परीक्षाए रदद् कर दी गई थी. क्या कहना है छात्रों का- https://youtu.be/fBOrW2k4Oc8   आरा से ओपी पांडे

Read more

कब लागू होगी सेवा शर्त नियमावली!

बिहार में एक बड़ा मसला है नियोजित शिक्षकों की सेवा शर्त. नीतीश सरकार ने वर्ष 2015 में सेवा शर्त निर्धारण के लिए गृह सचिव की अध्यक्षता में एक कमिटी बनाई थी जिसके तीन महीने में अपनी रिपोर्ट सौंपनी थी. सेवा शर्त में मुख्य रुप से वेतन, प्रमोशन, ट्रांसफर को लेकर सरकार को नियमावली बनानी है. लेकिन आज तक इसपर सरकार कोई फैसला नहीं कर पाई. नियोजित शिक्षक लगातार इसके लिए मांग कर रहे हैं. इसी मुद्दे पर patnanow टीम ने बात की माध्यमिक शिक्षक संघ के महासचिव केदार पांडे से. उन्होंने कहा कि शिक्षकों का सरकार से संघर्ष का मामला कोई नया नहीं है. लेकिन बिहार में 3.5 लाख नियोजित शिक्षको़ं और लाइब्रेरियन की सेवा शर्त के मामले को सरकार ने लटका कर रखा है. उन्होंने सरकार से मांग की है जल्द-से-जल्द इसे लागू किया जाए. patnanow पर लगातार खबर दिखाए जाने के बाद टीचर्स डे पर सीएम नीतीश कुमार ने जल्द ही नियोजित शिक्षकों की सेवा शर्त तय करने की घोषणा की है. अब देखना है कि सरकार कबतक इसे लागू करती है और सेवा शर्त नियमावली में शिक्षकों की कितनी मांगें मानी जाती हैं. केदार पांडे ने साफ कहा कि शिक्षकों को एक तो कम वेतन मिलता है और वो भी समय पर नहीं मिलता. वे जल्द ही शिक्षा मंत्री से मिलकर इसे उनके सामने रखेंगे. क्या कहा केदार पांडे ने, सुनिए- ये भी पढ़ें- इसी महीने लागू होगी सेवा शर्त!

Read more

मैट्रिक और इंटर परीक्षा के लिए अनिवार्य हुआ पहचान पत्र

बिहार बोर्ड ने अब मैट्रिक और इंटर परीक्षा में रजिस्ट्रेशन और परीक्षा में शामिल होने के लिए आधार या कोई पहचान पत्र अनिवार्य कर दिया है. ये नया नियम इसी साल से लागू हो रहा है. साथ ही ये भी बता दें कि वर्ष 2019 से आधार कार्ड के बिना कोई रजिस्ट्रेशन नहीं होगा. ये कहना है  BSEB अध्यक्ष आनंद किशोर का. उन्होंने कहा कि वर्ष 2018 की इंटर व मैट्रिक वार्षिक परीक्षा में सम्मिलित होने वाले परीक्षार्थियों के परीक्षा फॉर्म भरने के समय आधार या अन्य किसी वैकल्पिक पहचान पत्र को अनिवार्य करने का निर्णय लिया गया है. परीक्षार्थी के एडमिट कार्ड पर आधार या अन्य किसी भी वैकल्पिक पहचान पत्र का उल्लेख किया जाएगा. क्या कहा आनंद किशोर ने, सुनिए- (क्लिक करें) उन्होंने ये भी कहा कि वर्ष 2019 में समिति द्वारा आयोजित बोर्ड परीक्षाओं तथा उसके बाद के आयोजित सभी परीक्षाओं में आधार को अनिवार्य किया जाएगा. परीक्षार्थी के एडमिट कार्ड पर भी आधार का उल्लेख किया जाएगा. बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा लिए गए इस निर्णय से नामांकन के समय अभ्यर्थी के नाम, उम्र इत्यादि से सम्बंधित किसी भी प्रकार के फर्जीवाड़े पर पूरी तरह रोक लगाई जा सकेगी.

Read more

कयासों की कल्पना में उलझ कर रह गयी फ़िल्म

फीकी है ‘बादशाहो’ की बादशाहत राजस्‍थान की पृष्ठभूमि में सुने-सुनाए प्रचलित किस्‍सों की उपज है ‘बादशाहो’. ‘कच्‍चे घागे’ और ‘डर्टी पिक्चर’ जैसी कई जबरदस्त फिल्मो से अपने निर्देशन का दर्शकों के दिलों पर जादू चलाने वाले मिलन लुथरिया को इस फ़िल्म का ताना-बाना, कच्चे-धागे की शूटिंग के दरम्‍यान ही बना था. राजस्थान में राजघरानो और किलों के बारे में कई किस्से सुनने को मिलते हैं. उन्ही किस्सों में से एक किस्सा उन्होंने सुना, जो उनके जहन से निकल ही नहीं पाया.उन्‍होंने अजय देवगन को भी यह किस्‍सा सुनाया. फिर क्या था कहानी ने दोनों को प्रभावित किया और फ़िल्म बानी बादशाहो. दरअसल यह फ़िल्म महारानी गायत्री देवी के किले में छुपे खजाने के ऊपर बना है. महारानी अपने सौंदर्य के लिए जगप्रसिद्ध थीं. ऐसा कहा जाता है कि इमरजेंसी के दौरान इंदिरा गांधी और संजय गांधी के इशारे पर फौज ने महारानी गायत्री देवी के किले पर छापा मारा था और बड़ी मात्रा में खजाने ले गए थे. हालांकि इसका कोई प्रमाण नही मिलता लेकिन किले घूमने के दौरान गाइड और आम जनता से इन बातों को कोई भी सुन सकता है. कहानी को समय और किरदारों का रूप देने में निर्देशक ने काफी मेहनत किया है. ओरिजिनल किरदारों और समय की झलक फिल्‍म के शुरू में ही दिख जाती है. कलाकारों का लुक और एटीट्यूड उन्हें संजय गांधी जैसा प्रतीत कराता है. गीतांजलि देवी में गायत्री देवी की झलक दिखती है. अन्य कई किरदार कल्पना की उपज हैं. फिल्‍म में रिलेशनशिप, ड्रामा,एक्‍शन, थ्रिल, ड्रामा, कॉमेडी और आयटम सॉन्ग का

Read more