यमतंत्र में सेंध या रंगबाजी ?

यमलोक में किया जब तीन दुराचारियों ने बहुमत सिद्ध भगवान चित्रगुप्त जीतकर भी, गंवा बैठे गद्दी आरा, 22 मई. सत्ता पर आसीन होने के लिए आदि काल से ही प्रपंच रचा जा रहा है, चाहे वो देश के आजादी के बाद का काल हो या उसके पहले का. सत्ता की कुर्सी प्रपंचों के इस जाल के बाद उसी को मिलती है जो इस प्रपंच को लोकतांत्रिक साबित कर दे. ये अलग बात है जब वर्षों बाद इस प्रपंच के बनाने वाले ही शिकार हो जाएं तो फिर लोकतंत्र के नाम पर रंगबाजी पर उतर आते हैं. देश मे मची इस तरह के घमासान की सिख ले जब यमलोक में तीन धरती के दुराचारी घुसते हैं तो यमतंत्र किस तरह डगमगा जाता है इसी पर आधारित था आरा रंगमंच का नुक्कड़ नाटक यमलोक में रँगबाजी. आरा रंगमंच ने नुक्कड़ नाटक की अपनी 57 वीं प्रस्तुति लड्डू भोपाली द्वारा परिकल्पित “यमलोक में रंगबाजी” की प्रस्तुति की. नाटक की शुरूआत के पहले देश के प्रसिद्ध चित्रकार और लेखक, दिनकर पुरस्कार से सम्मानित बी.भाष्कर ने अपने संबोधन में कहा कि आरा में नुक्कड़ नाटक की समृद्ध परंपरा रही है और आरा रंगमंच इस परंपरा का निर्वहन लगातार करते आ रही है. नाटक वर्तमान राजनीति पर प्रहार करता व्यंग्य हास्य के जरिये लोगों को गुदगुदाते देश के हाल का आईना दिख गया. नाटक में यह दिखाया गया पृथ्वी लोक तीन दुराचारी, भ्रष्टाचारी मानव मरने के पश्चात यमलोक में पहुंचते है. तीनों मानव वहां यमराज और चित्रगुप्त में ही फूट डालकर राजा का चुनाव करवा डालते

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वो जिंदादिल…जिसकी कर्जदार है भोजपुरी इंडस्ट्री

लेकिन…..मौत से… हार गया…..”विजय” भोजपुरी को आगे बढाने के लिए बिना पारिश्रमिक पूरी उम्र दी सेवा विजय नैय्यर, एकब्रत सेन और अशोक चन्द्र जैन की लगेंगी मूर्तिया आरा, 4 मई. रंगमंचीय और सिनेमा के रुपहले पर्दे पर अभिनय के जरिये भोजपुरी और भोजपुर की पहचान बने सिने अभिनेता विजय नैय्यर की गुरुवार को एक शोक सभा जय प्रकाश मुक्ताकाश मंच पर की गई. उनके साथ आरा रंगमंच पर अभिनय करने वाले और रंगमंच के लिए हमेशा मंच से परे रहकर उसे जिंदा रखने वाले एकब्रत सेन का भी शोक सभा आयोजित की गयी. एकब्रत सेन अभिनेत्रि छंदा सेन के पति थे. भोजपुर जनपद के रंगकर्मियों ने एकजुट हो बिना किसी बैनर के दिवंगत दोनों आत्माओं को पुष्प अर्पित एवं मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित किया. श्रद्धाजंलि सभा में आये लोगो को सम्बोधित करते हुए डी राजन ने कहा कि सिनेमा का जो स्टारडम विजय नैय्यर ने दिखाया वो आज के जमाने मे किसी को नसीब नही होता. लोग उनकी झलक पाने के लिए बेकरार रहते थे. दीपक जैन ने उन्हें जाने वो कौन सा देश गीत गाकर श्रद्धांजलि दिया. प्रोड्यूसर सत्येंद्र स्नेही ने कहा कि फ़िल्म के साथ विजय नैय्यर मंच के भी बेहतरीन कलाकार थे. वही लेेेखक-निर्देशक श्याम कुमार ने कहा कि विजय नैय्यर के निधन से एक गहरा सदमा तो हमे जरूर लगा है लेकिन वो अपनी अविस्मरणीय संस्मरणो से हमारे बीच सदियों तक जिंदा रहेंगे. रंगकर्मी-निर्देशक ओ पी कश्यप ने उनकी याद को साझा करते हुए बताया कि वो उम्र में तो बाप के जैसे थे लेकिन इतने

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वरीय पत्रकार प्रणय प्रियंवद समेत कई लोगों का सम्मान

बुद्धिजीवियों को मिला सम्मान  चंद्रशेखर विचार मंच की ओर से पटना के कालिदास रंगालय में लोकनायक जय प्रकाश नारायण  सम्मान और चंद्रशेखर सम्मान से शहर के कई बुद्धिजीवियों को सम्मानित किया गया। जदयू विधायक व पूर्व मंत्री श्याम रजक ने दैनिक भास्कर के प्रधान संवाददाता प्रणय प्रियंवद, समाजसेवी विकास कुमार सिंह, शिक्षाविद् संजीव सहाय, रंगकर्मी अरूण शाद्वल, समाजसेवी नीलू और एक्टर प्रभात पांडेय को मेमोंटो व प्रमाण-पत्र प्रदान किया। इस अवसर पर चंद्रशेखर विचार मंच के अध्यक्ष सुशील कुमार सिंह सहित अन्य वक्ताओं ने समाजवादी नेता व पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर व संपूर्ण क्रांति के नेता जयप्रकाश नारायण के योगदान को याद करते हुए उनके विचारों की वर्तमान प्रासंगिकता पर जोर दिया। सांस्कृतिक प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष हरिशंकर प्रसाद और जदयू के सांस्कृतिक प्रकोष्ठ के बिहारशरीफ अध्यक्ष सुनील कुमार व एक्टिविस्ट रूपेश आदि इस मौके पर मौजूद थे।

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जानिए क्या है…”लव क्रेज इन युथ?”

लव के सकरात्मक और नकारात्मक पहलुओं के साथ टारगेट में यूथ क्रेजीनेस अगर जरूरी तो सम्भलना भी जरूरी आरा, 24 अप्रैल. लव क्रेज इन युथ….अजीब लगा ना? आप यही सोच रहे होंगे कि लव क्रेज की बात क्यों हो रही है? अमूनन यूथ में तो लव के लिए क्रेजी होना आम बात है. दरअसल यह कोई डिस्कस का टॉपिक नही बल्कि इस विषय पर लिखी एक नवोदित लेखिका ‘ममता दीप आदित्य’ के किताब का नाम है, जिन्होंने इस किताब के जरिये यूथ को टारगेट किया है. इस पुस्तक का लोकार्पण रविवार को यूरो किड्स प्ले स्कूल नवादा में किया गया. यह किताब मुख्यतःयुवा पीढ़ी की सकारात्मक और नकारात्मक पहलुओ को ध्यान में रखते हुए लिखी गयी है जिसमे लेखिका ने युवाओं के चंचल मन और उसके शीघ्रता से लेने वाले निर्णयों के दुष्प्रभाव पर प्रकाश डाला है. साथ ही प्रेम के सात्विक और समर्पित रूप का एक अनोखा बर्णन कहानी के माध्यम से दिया गया है. किताब कुल छः कहानियो का संग्रह है जो बेहद ही सरल भाषा में लिखी गयी है. किताब की पहली कहानी प्रोपोज़ विथ रोज है जिसमें लेखिका ने बालमन के कोमल छवि को धूमिल होते हुए दिखाया है. दूसरी कहानी है मैं और मेरा कॉलेज, प्रेम के उग्र रूप का चित्रण है. तीसरी कहानी बेहद मनमोहक है जिसे आप खुद पढ़ेंगे तब उस एहसास को महसुस कर पाएंगे. इस कहानी के अंत के बगैर आप किताब छोड़ना नही चाहेंगे. चौथी कहानी है ओपन इनबॉक्स जिसमे दो दोस्तों के असीम प्रेम का चित्रण है. पाँचवी कहानी

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“इंतजार” ने कलाकारो का बिगाड़ा मानसिक संतुलन

प्रशासनिक शोषण के शिकार हुए आरा के कलाकार कौन देगा प्रस्तुति इस सवाल पर अटकी है निगाहे राजा की अगवानी में डूबा प्रशासन कलाकरों को सूचित करना ही भूल गया  Patna now Exclusive आरा, 24 अप्रैल. कुँवर सिंह विजयोत्सव की 160वी वर्षगाँठ की तैयारियों के लिए महीनों से जूझे जिला प्रशासन ने भले ही इसे भव्य बनाने के लिए तमाम ताम-झाम को पूरा कर इसका आगाज भी कल भव्य कर दिया लेकिन हकीकत यह है कि कलाकारों के चयन में जिला प्रशासन फेल हो गया है. कलाकारों की प्रस्तुति के बाद उनके चयन की घोषणा न होना और न ही उनके पुरस्कारों की राशि का दिया जाना प्रशासकीय घृष्टता की पोल खोलता है. वही प्रशासन के इस अनुशासनहीनता और बेढब आयोजन ने कलाकारों की मानसिक स्थिति खराब कर दिया है. प्रस्तुति के लिए कई जुगाड़ में भिड़े कलाकरों को उनकी प्रस्तुति कब है ये पता ही नही जबकि अधिकारी से लेकर आयोजक तक लिस्ट बन जाने की बात करते हैं. लेकिन प्रशासन द्वारा जारी लिस्ट में कलाकारों का नाम न होना सच्चाई की उजागर करता है. सच और झूठ से पर्दा हटाता बड़े आयोजन के नाम पर कलाकारों को ठगने की इस प्रशासन की परंपरागत पद्धति पर पटना नाउ की Exclusive रिपोर्ट. भव्य मंच पर बड़े कलाकारों के साथ स्थानीय कलाकारों का भी चयन कार्यक्रम को चार चाँद लगाने के लिए किया जाना था जिसके लिए 17 एवं 18 मार्च को जिला प्रशासन ने एक डांस प्रतियोगिता का आयोजन किया था. प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय विजेताओं के लिए 11000, 8000

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बाबू कुंवर सिंह की वीरगाथा को दर्शाती पेंटिंग्स देखनी हो, तो यहां आइए

अंजनी कुमार सिंह ने किया चित्रकला कार्यशाला का उद्घाटन बिहार के मुख्‍य सचिव अंजनी कुमार सिंह ने बाबू वीर कुंवर सिंह जी के 160 वें विजयोत्‍सव के अवसर पर रविवार को राजधानी पटना स्थित बिहार म्‍यूजियम के बहुउद्देशीय हॉल में चित्रकला कार्यशाला का उद्घाटन किया। कार्यशाला में कुल 13 कलाकार भाग ले रहे हैं, जिनके द्वारा बनाई गई पेटिंग भोजपुरी के आरा हाउस एवं किला मैदान जगदीशपुर में प्रदर्शित की जायेगी। सभी पेंटिंग बाबू वीर कुंवर सिंह की वीरगाथा को दर्शाती है। इस अवसर पर अंजनी कुमार सिंह ने बाबू वीर कुंवर सिंह के संघर्ष गाथा को आज के समय में भी प्रास‍ंगिक बताया और कहा कि एक अंग्रेज इतिहासकार होम्‍स ने कहा है कि तत्‍कालीन समय में अगर बाबू वीर कुंवर सिंह 40 वर्ष की उम्र में होते तो भारत को उसी समय आजादी मिल गई होती है। पटना से राजेश तिवारी

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बाबू वीर कुंवर सिंह विजयोत्‍सव समारोह का उद्घाटन करेंगे मुख्‍यमंत्री

आगामी 23 से 25 अप्रैल तक बिहार में कई कार्यक्रमों का आयोजन हो रहा है. मौका है विजयोत्सव का. बाबू वीर कुंवर सिंह के 160 वें विजयोत्‍सव पर 23 अप्रैल से 25 अप्रैल 2018 तक जगदीशपुर, भोजपुर और पटना में आयोजित हो रहे राजकीय समारोह का उद्घाटन मुख्यमंत्री करेंगे. इस अवसर पर 23 अप्रैल को मुख्‍यमंत्री द्वारा बाबू वीर कुंवर सिंह पार्क में उनकी प्रतिमा पर माल्‍यार्पण किया जायेगा और बाबू वीर कुंवर सिंह के जीवन एवं उनके अवदान (पराक्रम) पर आधारित (15) टेराकोटा म्‍यूरल का अनावरण किया जायेगा. ये जानकारी  कला, संस्‍कृति एवं युवा विभाग के मंत्री कृष्‍ण कुमार ऋषि ने आज पटना में दी. कला, संस्‍कृति मंत्री ने कहा कि वीर कुंवर सिंह जयंती काफी धूमधाम से मनाई जायेगी. 23 अप्रैल को किला मैदान, जगदीशपुर में बाबू वीर कुंवर सिंह की झांकी निकाली जायेगी. इस दौरान मुख्‍यमंत्री भी मौजूद रहेंगे. CM किला मैदान स्थित बाबू वीर कुंवर सिंह स्‍मृति संग्रहालय में बाबू वीर कुंवर सिंह के जीवन पर आधारित पेंटिग्‍स दीर्घा लोकार्पण करेंगे. इसके लिए विजयोत्‍सव समारो‍ह से पूर्व 15 अप्रैल को बिहार म्‍यूजियम में पेटिंग कार्यशाला भी आयोजित की जायेगी. उन्‍होंने बताया कि संग्रहालय में मध्‍यकालीन हथियारों की प्रतिकृति को स्‍थाई रूप से प्रदर्शित किया जायेगा. साथ ही बाबू वीर कुंवर सिंह से संबंधित दस्‍तावेजों की प्रतिकृति को भी प्रदर्शित किया जायेगा. मंत्री ने कहा कि 23 अप्रैल को ही जगदीशपुर के एम डी कार्मेल स्‍कूल के बगल में मुख्‍यमंत्री द्वारा सांस्‍कृतिक व अन्‍य कार्यक्रमों का शुभारंभ करेंगे. इसके अलावा खेल कूद प्रतियोगिता जैसे कुश्‍ती, भाला, तीरंदाजी, कबड्डी,

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बच्चों का कमाल: उत्तराखंड के स्कूलों में दुहराई जाएगी आरा की परंपरा

बच्चों का कमाल: उत्तराखंड के स्कूलों में दुहराई जाएगी आरा की परंपरा आरा, 1अप्रैल. शनिवार को हरिजी का हाता स्थित किड्स किंगडम प्री स्कूल का वार्षिक रिजल्ट डे का आयोजन किया गया. इस अवसर पर स्कूल के प्ले ग्रुप से कक्षा पांच तक के सभी छात्र-छत्राएं अभिभावकों के साथ में आज सुबह से ही स्कूल प्रांगण में पहुंचने लगे. बच्चों में रिजल्ट को लेकर जिज्ञासा थी अभिभावक भी अपने बच्चों की बेहतर शिक्षा की वजह से रिजल्ट के प्रति आश्वस्त नजर आ रहे थे. स्कूल प्रबंधन ने बच्चों के लिए बच्चों के द्वारा नृत्य कार्यक्रम का आयोजन भी इस अवसर पर किया. जिसमें बच्चों ने मनमोहक अंदाज में नृत्य प्रस्तुत कर अपने दोस्तों को भी मंच पर आने के लिए प्रेरित किया. स्कूल की डायरेक्टर डॉ आभा सिंह ने नृत्य कार्यक्रम के बीच बीच में बच्चों के परीक्षा परिणामों की घोषणा की. स्कूल के शत-प्रतिशत बच्चों ने बेहतर प्रदर्शन कर अगली कक्षा में स्थान हासिल किया. स्कूल की मुख्य प्रशासिका रेनू सिंह ने  कक्षा में प्रथम, द्वितीय तथा तृतीय स्थान पाने वाले बच्चों को ट्रॉफी देकर उनका उत्साहवर्धन किया. स्कूल की वाईस प्रिंसिपल अंचला सिंह ने बच्चों को मेडल पहनाकर सम्मानित किया. बेहतर प्रदर्शन करने वाले बच्चों की खुशी देखते ही बनती थी. इस अवसर पर स्कूल के संरक्षक अर्चना एवं प्रिय रंजन सिंह ने स्कूल प्रबंधन द्वारा बच्चों को रिजल्ट प्रकाशन के तरीके की सराहना की और कहा कि जहां बच्चे रिजल्ट को लेकर तनाव में रहते हैं वहीं प्री-स्कूल ने एक नई परंपरा की शुरुआत की है. स्कूल के

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महावीर जयंती पर तीन दिवसीय कार्यक्रम की हुई शुरुआत

महावीर जयंती पर तीन दिवसीय कार्यक्रम की हुई शुरुआत आरा, 29 मार्च.भगवान महावीर की 2617 वीं जन्म कल्याणक महोत्सव त्रिदिवसीय बड़े धूम-धाम से स्थानीय शान्तिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर, भगवान महावीर मार्ग, जेल रोड, आरा (बिहार) में मनाया जा रहा है जिसमें “जैन क्विज प्रतियोगिता” का आयोजन किया गाय. इस प्रतियोगिता में अनेकों बालक-बालिकाओं से लेकर पुरुष-महिलाओं ने भी बढ़-चढ़ कर भाग लिया. कार्यक्रम की संयोजिका डॉ नीलम जैन, शालिनी जैन थी. क्विज प्रतियोगिता में दर्शिका जैन, पुष्पिता जैन, सृष्टि जैन, मानसी जैन, रिया जैन, स्वर्णिका जैन, नैतिक जैन, अतिशय जैन, हिमांशु अग्रवाल आदि बच्चों ने अच्छी प्रस्तुति दिये. सांयकालीन संध्या के कार्यक्रम में मुख्य अतिथि राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित क्षत्रिय उच्च विद्यालय के प्राचार्य डॉ योगेन्द्र कुमार सिंह एवं आरा नगर निगम की महापौर प्रियम और वार्ड नं0 22 की पार्षद रेखा जैन थी. जिन्होंने कार्यक्रम की विधिवत उद्घाटन किया और अपनी गरिमामयी उस्थिति दिये. कार्यक्रम की शुरुआत मंगलाचरण के साथ की गई. उसके बाद आरती थाल सजाओ सह भाव नृत्य की प्रस्तुति हुई जिसमें आरुषि जैन, प्रेक्षा जैन, सुरभि जैन, अलका जैन, प्रार्थना जैन इत्यादि बच्चों ने अच्छी प्रस्तुति दी. इसकी संयोजिका अंजू जैन एवं सपना जैन थी. इसके पश्चात भजन संध्या का कार्यक्रम हुआ. भजन संध्या के संयोजक मनीष कुमार जैन, सर्वेश कुमार जैन, ओंकार अग्रवाल थे जिसमें कई प्रतिभागियों ने बड़े उत्साह से अपनी प्रस्तुति दी. इस कार्यक्रम के मध्य में कत्थक गुरु बक्शी विकास की टीम के द्वारा कई भाव नृत्यो की प्रस्तुति हुई. दर्शक भाव नृत्य देखकर बड़े खुश एवं उत्साहित थे. इस कार्यक्रम में

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तीन दिवसीय नुक्कड़ नाटक महोत्सव का हुआ समापन

लोक चित्रकला के जरिये लुप्त होते पंक्षियो पर लगाई गयी प्रदर्शनी आरा,21 मार्च. 50 वीं नुक्कड़ सप्ताह पर आरा रंगमंच प्रभाव क्रियेटिव सोसायटी द्वारा आयोजित 3 दिवसीय नुक्कड़ महोत्सव सह लोक चित्रकला प्रदर्शनी के तीसरे व अंतिम दिन का थीम ‘ लोक–चित्रकला’ पर आधारित पेंटिंग्स को प्रदर्शन के लिए लगाया गया. जिसमे प्रभाव क्रियेटिव सोसायटी के चित्रकारों अमित, पुजा, रागिनी, काफिया, राम बाबू रूपेश आदि द्वारा बनाए गये लोक चित्रों की प्रदर्शनी लगाई गई. कार्यक्रम का संचालन प्रभाव क्रियेटिव सोसायटी के सचिव व प्रख्यात चित्रकार कमलेश कुंदन और अशोक मानव ने किया. कार्यक्रम की शुरूआत माया शंकर मायावी के लोक वाद्य हुड़ूका वादन से हुई. कार्यक्रम का उद्घाटन श्मशाद प्रेम, राकेश दिवाकर, शारदानंद शर्मा,नील मणी पाठक ,मनोज नाथ, सत्यदेव, ने संयुक्त रूप से किया. कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्मशाद प्रेम नें कलाकारों के लिए शहर में एक आधुनिक प्रेक्षागृह के निर्माण की मांग की. अपने संबोधन में चित्रकार राकेश दिवाकर ने कहा कि बिहार की मधुबनी, मंजूषा पेंटिंग्स अपनी पहचान विश्वस्तर पर बना चुके है. लेकिन भोजपुरी लोक चित्रकला आज भी अपने पहचान के लिए संघर्ष कर रही है. कार्यक्रम को वरिष्ट कला प्रेमी राधेश्याम तिवारी ने भी संबोधित किया. कार्यक्रम का विशेेष आकर्षण रहा ‘अधर्व’ सामाजिक व सांस्कृतिक संस्था द्वारा “घर आ जा रे पंक्षी” चित्र प्रदर्शनी. जिसमें दिनो-दिन लुप्त होते जा रहे पंक्षियो को बचाने की मुहीम शामिल रही. कार्यक्रम में जिले के चर्चित समाजसेवी अशोक तिवारी ने आरा रंगमंच के कलाकारों व शहर के पत्रकारों को अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया. फिर चित्रकार कमलेश कुंदन की परिकल्पना

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